Depreciation of the Rupee: रुपये की गिरती कीमत को लेकर अब सरकार ने भी चिंता जताई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि सरकार निवेशकों की चिंता को समझती है और वह खुद भी रुपये की कमजोरी को लेकर चिंतित है। रॉयटर्स के मुताबिक, स्टॉक ब्रोकर्स की एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में पीयूष गोयल ने रुपये की गिरावट पर बात करते हुए कहा कि निवेशकों की चिंता जायज है और सरकार भी इस स्थिति को लेकर चिंतित है। दायरे में कारोबार कर रहा रुपया कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख अनिंद्य बनर्जी के अनुसार, रुपया फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रुपये के लिए राहत का काम कर रही है, लेकिन डॉलर की मजबूती और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार निकासी दबाव बनाए हुए है। 96.30 के स्तर पर नजर विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपये के लिए 96.3 एक अहम ऊपरी स्तर है। यदि रुपया 96.30 से 96.50 के करीब पहुंचता है तो रिजर्व बैंक की ओर से हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है। वहीं, 95.50 और 95 के स्तर को सपोर्ट माना जा रहा है। कारोबार में मामूली सुधार मंगलवार के शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले सात पैसे मजबूत होकर 95.71 पर पहुंचा। बाद में इसमें और सुधार हुआ और अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 19 पैसे की बढ़त के साथ 95.59 प्रति डॉलर के अस्थायी स्तर पर बंद हुआ। ये भी पढ़ें: शेयर बाजार: तेज शुरुआत के बाद सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, IT शेयरों ने संभाला मोर्चा